सुंदरनगर में पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक, लंबित मांगों पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान
बैठक में पेंशनर्स का फैसला: पहले धरना फिर शिमला में विधानसभा का घेराव
आपकी खबर, सुंदरनगर।
5 मार्च। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक चेयरमैन सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में सुंदरनगर में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े कई वर्षों से लंबित मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। पेंशनर्स नेताओं ने सरकार से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई।
बैठक में प्रमुख रूप से उन पेंशनर्स का मुद्दा उठाया गया जो 01 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं। वक्ताओं ने कहा कि इन पेंशनर्स को अभी तक संशोधित ग्रैच्युटी, कम्युटेशन और लीव इनकैशमेंट का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा छठे वेतन आयोग की बकाया राशि और एरियर का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। पेंशनर्स नेताओं ने बताया कि पिछली सरकार द्वारा केवल 50 हजार रुपये की एक किस्त दी गई थी, जबकि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों को यह राशि भी नहीं मिल पाई।
बैठक में चिकित्सा बिलों के भुगतान का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। पेंशनर्स नेताओं ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से चिकित्सा बिलों का भुगतान लंबित है। जबकि मुख्यमंत्री द्वारा 17 दिसंबर 2025 को घुमारवीं में पेंशनर्स दिवस के अवसर पर एक माह के भीतर भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को हर महीने की पहली तारीख को पेंशन जारी करने और स्थायी पेंशन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। वहीं विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, शहरी निकायों के पेंशनरों को 01 जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन देने, तथा कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 2004 से पेंशन बहाल करने की मांग भी उठाई गई।
पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी बैठक में महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें सेना की तर्ज पर कैंटीन सुविधा देने और उनके बच्चों के लिए पुलिस भर्ती में विशेष कोटा तय करने की मांग शामिल रही।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसके तहत 16 मार्च को प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद 30 मार्च 2026 को शिमला में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न संगठनों के कई पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। इनमें इन्द्र पाल शर्मा, भूप राम वर्मा, रविन्द्र सिंह राणा, मदन शर्मा, शिव सिंह सेन, देवी लाल ठाकुर, हिम्मत राम शर्मा, बलराम पुरी, टी.डी. ठाकुर, अशोक प्राशर, चमन भाटिया, डी.एस. धतवालिया, होशियार सिंह चंदेल, हरमेश राणा, चेत राम वर्मा, हेम सिंह ठाकुर, मदन चौधरी, सेठ राम, मनमोहन पठानिया, सैन राम नेगी, राजेन्द्र जरियाल, सुशील पुण्डीर, मनोहर ठाकुर, बी.एस. चंदेल और अश्विनी नाग सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पेंशनर्स नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

