सेरी बंगलों पंचायत में किसानों को सिखाया जीवामृत बनाना, प्राकृतिक खेती की दी जानकारी
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: जुआ गांव में किसानों को जीवामृत और दुष्परनी अर्क बनाने का प्रशिक्षण
मंडी के जुआ गांव में किसानों की बैठक, प्रैक्टिकल तरीके से सिखाया गया जीवामृत बनाना
आपकी खबर, सुंदरनगर।
5 मार्च। जिला मंडी की ग्राम पंचायत सेरी बंगलों के अंतर्गत क्लस्टर सेरी गांव जुआ में वीरवार को किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न इनपुट और उनके उपयोग के बारे में जानकारी देना था।
बैठक के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले इनपुट जैसे जीवामृत, घन जीवामृत और दुष्परनी अर्क के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों को इन इनपुट के लाभ, बनाने की विधि और खेतों में इनके उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर किसानों को प्रैक्टिकल तरीके से जीवामृत बनाना भी सिखाया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि जीवामृत का खेतों में छिड़काव किस प्रकार किया जाता है और इससे फसलों को क्या लाभ मिलता है। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक खेती के इन तरीकों से खेती की लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है।
सीआरसी सेरी क्लस्टर कला देवी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर इस तरह की बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों को नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती के तरीकों से अवगत करवाना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
बैठक में गांव के कई किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को काफी उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

