मानव कल्याण सेवा समिति ने चियोग व सैंज के बच्चों को नशे से दूर रहने के दिए सुझाव
वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चियोग व सैंज में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
आपकी खबर, ब्यूरो।
चौपाल, 13 नवंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा वित्त पोषित और मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल जिला शिमला द्वारा संचालित CPLI योजना के अंतर्गत चल रहे नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चियोग व सैंज ( चौपाल) शिमला में किया गया।

मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल के निदेशक ने जानकारी दी कि शिमला (जिला) के अंतर्गत सभी स्कूलों में बच्चों एवं युवाओ से संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चियोग व सैंज ( चौपाल) शिमला में शिविर में किशोरों में नशे के बढ़ते प्रचलन के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई।
CPLI योजना के एरिया कॉर्डिनेटर दीपक सुंदरियाल ने किशोरों व शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी जितनी सजग है, उतना ही तकनीक से प्रभावित भी है। आज किशोरों पर भिन्न भिन्न तरह के दबाव हैं। उन पर केवल अपने आस पास के दोस्तों का प्रभाव ही नहीं पड़ता, अपितु इन्टरनेट के माध्यम से अलग तरह का पियर प्रेशर भी उन्हें झेलना पड़ता है।
सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर आज की पीढ़ी अपने से बड़े आयु के लोगों की सम्पन्नता, रंग, रूप हर चीज की तुलना करने लगी है, जो की बच्चों में हीनता की भावना पनपा रही है। इस कारण बच्चे स्ट्रेस अधिक लेने लगे हैं। जल्द से जल्द बड़ा होना, सफल होना, पैसा कमाना और रिलेशनशिप में जाने के लिए वह गलत तरीको के इस्तेमाल करनें लगे हैं ।
आज के प्रतिस्पर्द्धा के युग में स्कूल कालेजों द्वारा बच्चो के सर्वांगीण विकास पर बहुत ध्यान दिया जानें लगा है परंतु अभी भी किशोरावस्था में होने वाले बदलाव के प्रति समाज उतना जागरूक नही हो पाया है।
किशोरावस्था की जिज्ञासा को सही दिशा देने में शिक्षकों और अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। यही समय है जब किशोरों का आकर्षण नशे की तरफ हो सकता है। अनेकों तरह के विज्ञापन, फ़िल्म व सोशल मीडिया इत्यादि में नशे को जिस तरह से प्रचारित किया जाता है। उससे किशोरों के मस्तिष्क पर नशे के प्रति जिज्ञासा व आकर्षण पैदा होना स्वाभाविक है। जगह जगह नशे के समान की उपलब्धता भी एक बहुत बड़ा कारण है कि किशोरावस्था में ही अधिकतर युवा नशे में फंस जातें हैं ।
कार्यक्रम में किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आवश्यक जानकारी दी। उपस्थित स्टाफ से भी विषय की गंभीरता पर विस्तृत चर्चा की गई व समस्या के समाधान हेतु स्कूलों सहित वोकेशनल संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने पर बल दिया गया ।
संस्था के निदेशक केशव राम ने संस्था द्वारा चलाई जा रही मुहिम व नशा मुक्त भारत के उद्देश्यों से छात्रों को अवगत करवाया तथा किशोरों को नशा न करने की शपथ भी दिलवाई व उन्हें नशे के खिलाफ एकजुट होकर अपने अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में सहयोग देने का आग्रह भी किया।
इस अवसर पर संस्था की वरिष्ट सदस्य कौशल्या देवी विशेष तौर पर उपस्थित रहीं।

