कार्डियोलॉजी विभाग को आईजीएमसी शिमला शिफ्ट करने की मांग : संजय सूद
पूर्व प्रत्याशी बोले, गंभीर हृदय रोगियों को करना पड़ रहा भारी परेशानियों का सामना
आपकी खबर, शिमला।
31 जनवरी। शिमला के चामियाना में संचालित कार्डियोलॉजी विभाग को पुनः आईजीएमसी में स्थानांतरित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रत्याशी संजय सूद ने सरकार और प्रशासन से जनहित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
संजय सूद ने कहा कि चामियाना स्थित कार्डियोलॉजी विभाग के कारण न केवल शिमला शहर बल्कि प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले गंभीर हृदय रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिलना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
उन्होंने बताया कि चामियाना में अस्पताल परिसर में पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट्स को अपने वाहन सड़कों पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि लोगों के चालान भी किए जा रहे हैं। इससे आम जनता में रोष बढ़ रहा है और मरीजों को इलाज में अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ रहा है।
संजय सूद ने कहा कि कार्डियोलॉजी जैसे संवेदनशील विभाग का आईजीएमसी शिमला में होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि आईजीएमसी एक केंद्रीय और सुविधाजनक स्थान पर स्थित है। यहां तक पहुंचना मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस सेवाओं के लिए कहीं अधिक आसान है। इसके अलावा आईजीएमसी में पहले से ही अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार भविष्य में चामियाना को सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल हब के रूप में विकसित करना चाहती है, तो वहां पहले पार्किंग, सड़क व्यवस्था, एंबुलेंस मार्ग, आपातकालीन सेवाएं और मरीजों की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों में मरीजों को वहां भेजना जनहित के खिलाफ है।
संजय सूद ने बताया कि वह इस विषय को पहले भी कई बार सरकार और प्रशासन के संज्ञान में ला चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिमला शहरी क्षेत्र की जनता की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अंत में उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संवेदनशीलता दिखाते हुए कार्डियोलॉजी विभाग को शीघ्र आईजीएमसी शिमला में पुनः स्थानांतरित किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके और आम लोगों को राहत मिल सके।

