- व्यवस्था परिवर्तन की मार झेल रहे सेब बागवान, HPMC में न स्प्रे ऑयल और न ही खाद
- भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष संजीव देष्टा ने कांग्रेस सरकार की व्यवस्था पर उठाए सवाल
- बोले- कड़कती ठंड में बागवानों के साथ किया जा रहा अन्याय
- समय पर स्प्रे ऑयल व खाद नहीं करवाई उपलब्ध तो सरकार के खिलाफ होगा बड़ा आंदोलन
आपकी खबर, शिमला।
19 जनवरी। सर्दी चरम पर है और ऐसे में सेब के बगीचों में भी कार्य युद्धस्तर पर जारी रहती है। विडंबना यह है कि सेब बाहुल क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का आलम बागवानों पर भारी पड़ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दिनों बगीचों में पौधों पर स्पे व खाद डालने का कार्य होता है लेकिन हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण केंद्रों (एचपीएमसी) में स्प्रे ऑयल और खाद इत्यादि नहीं मिल पा रहे हैं। बीते दिनों एचपीएमसी गुम्मा में भी यह स्थिति देखते हुए बागवानों में काफी रोष है।
आलम यह है कि यहां स्पे ऑयल और खाद उचित मात्रा में आपूर्ति नहीं हो पा रहे हैं। यही कारण है कि बागवानों को यह आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बागवान कड़कती ठंड में एचपीएमसी में सुबह 8 बजे से उक्त सामग्रियां लेने कतार में खड़े रहते हैं लेकिन शाम होने पर भी उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।
यह तमाम आरोप भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव देष्टा ने लगाए हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार बागवानी विरोधी सरकार का आरोप लगाते हुए कहा है कि व्यवस्था परिवर्तन की मार अब हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) पर भी पड़ी है।

देष्टा ने कहा कि शिमला जिले के कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुम्मा स्थित एचपीएमसी केंद्र से बड़ी संख्या में बागवान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। ठंड में दूर-दराज से पहुंचने के बावजूद उन्हें आवश्यक सामग्री नहीं मिल पा रही है, जिससे उनमें भारी रोष व्याप्त है। यदि यह स्थिति रही तो आने वाले समय में बागवान प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे।
देष्टा ने यह भी सवाल उठाया है कि सेब बाहुल क्षेत्रों से चार-चार मंत्री सरकार में शामिल होने के बावजूद बागवानों की समस्याओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। यह सरकार की बागवानी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। बागवान प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के व्यवस्था परिवर्तन में बागवानों के साथ खुला अन्याय हो रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही एचपीएमसी केंद्रों में स्प्रे ऑयल, खाद और दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो भाजपा किसान मोर्चा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से सभी एचपीएमसी केंद्रों में आवश्यक बागवानी सामग्री उपलब्ध करवाई जाए, ताकि आने वाले सीजन में बागवानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

