कुल्लू : निराश्रित बच्चों और बालिकाओं के सशक्तिकरण जरूरी : तोरुल रवीश
बाल और महिला कल्याण योजनाओं की डीसी ने की समीक्षा
आपकी खबर, कुल्लू।
28 जनवरी । उपायुक्त कुल्लू, तोरुल एस. रवीश की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा बाल विकास सेवाएं योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समितियों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी कुंदन लाल ने किया, जिनमें संबंधित विभागों के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। गृह निर्माण, विवाह अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, कोचिंग तथा स्वरोजगार से संबंधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना राज्य सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य निराश्रित बच्चों और युवाओं को संरक्षण, संबल एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार ने इन बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” घोषित किया है, जिससे उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे बच्चों से व्यक्तिगत रूप से मिलें, उन्हें योजना के सभी लाभों की जानकारी दें तथा आत्मनिर्भर बनने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करें। साथ ही कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त इस समिति में सदस्य अधिकारियों को बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा करियर काउंसलिंग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए, ताकि वे सशक्त एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।
बैठक में गृह निर्माण से संबंधित आवेदनों, विवाह अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, कोचिंग तथा स्वरोजगार हेतु सहायता से जुड़े प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में जिले में संचालित बाल एवं बालिका देखभाल संस्थानों की समीक्षा की गई। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र विकास से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई। फोस्टर केयर योजना, स्पॉन्सरशिप स्कीम, दत्तक ग्रहण, आफ्टर केयर योजना तथा चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) की प्रगति की समीक्षा की गई।
स्पॉन्सरशिप स्कीम के अंतर्गत अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 तक 226 लाभार्थियों को ₹53.76 लाख की सहायता प्रदान की गई है तथा जिले के 1160 बच्चों को इस योजना में शामिल किया गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 91 जागरूकता शिविर आयोजित कर बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाई गई। समिति ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बच्चों को समयबद्ध सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों एवं व्यय की समीक्षा की गई। योजना के अंतर्गत 4 उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 591 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 48 जागरूकता शिविरों में 3542 लोगों की सहभागिता रही। इन गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं के अधिकार, लिंग समानता, शिक्षा एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाई गई।
कौशल विकास, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा एवं आत्मरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ-साथ होटल उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावी ढंग से जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग तथा विभागीय समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्त वर्ष की शेष अवधि में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर, छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मेधावी छात्राओं एवं उत्कृष्ट पंचायतों का सम्मान, बालिका छात्रावासों में सेनेटरी नैपकिन इंसिनरेटर की स्थापना, लैंगिक संवेदनशीलता कार्यशालाएं तथा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सहित अन्य संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
समेकित बाल विकास सेवायें योजना के अंतर्गत ज़िला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 की मानसून आपदा से क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत हेतु ₹63 लाख स्वीकृत किए गए हैं। 21 नए आंगनवाड़ी भवन भी स्वीकृत हुए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण व मरम्मत कार्य प्रगति पर है।
बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान, मुख्यमंत्री शगुन, छात्रवृत्ति, सुख शिक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए।

