करसोग में सजा प्राकृतिक खेती का महाकुंभ, 260 किसानों ने लिया भाग
देशी बीजों और प्राकृतिक खेती पर जोर, करसोग किसान मेले में दिखा उत्साह
कम लागत, ज्यादा मुनाफा: करसोग में किसानों को मिली प्राकृतिक खेती की नई दिशा
आपकी खबर, करसोग।
28 मार्च। भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति के तहत करसोग ब्लॉक में किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले में क्षेत्र के लगभग 260 किसानों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर और कम लागत वाली खेती की ओर प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री से सम्मानित महेश राज एवं नेकराम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रोजेक्ट डायरेक्टर एटीएमए मंडी राकेश पटियाल, डीपीडी संजय ठाकुर, सोम कृष्ण गौतम, कला देवी, तथा करसोग नेचुरल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (BFAC) के अध्यक्ष गीता राम व चमेलु देवी सहित कई अन्य व्यक्ति मौजूद रहे।
इस किसान मेले के सफल आयोजन में तकनीकी सहायक मोहित कुमार, लेखराज और सोनाली महाजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके निरंतर प्रयासों से करसोग ब्लॉक में प्राकृतिक खेती को एक नई दिशा मिली है। उनके प्रयासों से किसानों में जागरूकता बढ़ी है और खेती की लागत में कमी आई है, जिससे किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान देशी बीजों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे किसान उत्पादक कंपनी (FPC) द्वारा आयोजित किया गया। इस प्रदर्शनी में देशी बीजों का आदान-प्रदान किया गया और किसानों को इनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि देशी बीजों में पोषक तत्वों की प्रचुरता होती है, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी हैं।
वक्ताओं ने प्राकृतिक खेती को पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि यह पद्धति न केवल मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है, बल्कि रसायनों के उपयोग को कम कर स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।
अंत में आयोजकों ने विभाग और सभी किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों और परंपरागत ज्ञान का समन्वय करने का अवसर मिलता है, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

