Saturday, April 20, 2024

करसोग में बताए अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मिलने वाले अधिकार

आपकी खबर, करसोग

अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 के अंतर्गत राम मंदिर पुराना बाजार करसोग में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से आयोजित इस शिविर में उपमंडलाधिकारी नागरिक करसोग नरेंद्र सिंह मुख्यतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कृषि क्षेत्र में पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किसान नेक राम शर्मा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में एसडीएम ने कहा कि हमें वसुधैव कुटुंबकम् की परंपरा का निर्वहन करते हुए समाज में एकजुटता और समरसता के साथ मिल जुल कर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के इस जागरूकता शिविर का उद्देश्य एससी/एसटी वर्ग के नागरिकों को अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रदान किए गए अधिकारों के प्रति जागरूक करवाना है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को निभाते हुए देश व प्रदेश की उन्नति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। कृषि क्षेत्र में पदमश्री अवार्ड से सम्मानित किसान नेक राम शर्मा ने जैविक खेती के महत्व के उपर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों को रसायनिक खेती को कम करते हुए प्राकृतिक कृषि पद्धति को अपना कर मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोटा अनाज स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है। इसलिए हमें जैविक खेती के माध्यम से उगाए गए अनाज को ग्रहण करना चाहिए । उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के सेवन से हम अपने शरीर को अनेक बीमारियों से बचा सकते है। शिविर में डीएसपी गीतांजलि ठाकुर ने अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एससी/एसटी वर्ग के लोगों के लिए इस अधिनियम में विशेष प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य इस वर्ग से संबंध रखने वाले लोगों को एट्रोसिटी एक्ट के माध्यम से प्रदान किए गए विशेष अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यह कानून अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगाें के सम्मान, स्वाभिमान और उनके उत्थान एवं हितों की रक्षा के लिए बनाया गया है। यदि अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंध रखने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार का कोई भेदभाव किया जाता है तो ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व दंड का प्रावधान अधिनियम में किया गया है।
जिला कल्याण अधिकारी समीर ने इस अवसर पर अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंध रखने वाले लोगों को विभिन्न अधिनियमों और प्रावधानों के प्रति जागरूक किया तथा विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि राज्य सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सभी पात्र लोगों को आगे आना चाहिए। शिविर में तहसील कल्याण अधिकारी करसोग भोपाल शर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, महिला मंडल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व युवक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

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