राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित डॉ. श्रुति मोरे भारद्वाज ने नड्डा से की मुलाकात
हिमाचल और देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर की विस्तृत चर्चा
आपकी खबर, ब्यूरो।
नई दिल्ली, 7 दिसंबर। सम्फिया फ़ाउंडेशन कुल्लू की संस्थापक डॉ. श्रुति मोरे भारद्वाज को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिव्यांगजनों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पूरे देश से आए 2423 आवेदनों में से चुने गए केवल 32 असाधारण व्यक्तियों को दिया गया।
डॉ. श्रुति ने एक नया इतिहास रचते हुए देश की दूसरी ऐसी ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट होने का गौरव प्राप्त किया है, जिन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, डॉ. श्रुति ने भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और उनकी पत्नी, सामाजिक कार्यकर्ता स्पेशल ओलम्पिक भारत और चेतना संस्था की संस्थापक मल्लिका नड्डा से विशेष मुलाकात की। इस बैठक में देश और विशेषकर हिमाचल प्रदेश में पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई।
डॉ. श्रुति ने मंत्री को अवगत कराया कि देश में प्रशिक्षित ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट की भारी कमी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और पूरे भारत में ऑक्यूपेशनल थेरेपी से संबंधित नए शैक्षणिक कोर्स शुरू करने और मौजूदा ढाँचे को विस्तृत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि युवाओं को रोजगार मिले और मरीजों को बेहतर इलाज।
चर्चा के दौरान ‘अर्ली इंटरवेंशन’ को बढ़ावा देने पर भी बात हुई। डॉ. श्रुति ने सुझाव दिया कि बच्चों में विकासात्मक देरी की जल्द से जल्द पहचान करने के लिए सरकारी स्तर पर ठोस नीतियां बनाई जानी चाहिए। हिमाचल में कुल्लू की तरह हर जिले DEIC पूरी तरह से एक़ुइप्ट और फंक्शनल होने चाहिए। AIMS बिलासपुर और IGMC में ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट के पद को सृजन कर शीघ्र भरे जाने चाहिए।

