उपमुख्यमंत्री ने 4.15 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना बेहड़ जस्वां का किया लोकार्पण
बोले, मंदिरों के धन के उपयोग के संबंध में सरकार दायर करेगी पुनर्विचार याचिका
श्री चिंतपूर्णी, 3 जनवरी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को ऊना जिले के श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेहड़ जस्वां में 4.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना का विधिवत लोकार्पण किया। इस महत्वाकांक्षी योजना से बेहड़ जस्वां एवं त्याई पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सात गांवों की लगभग 2700 की आबादी को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। इस योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में बागड़ू, घुंगराला, लडयाल चूक, बसूनी, धार गुजरां, त्याई तथा गिड़गिड़ शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस महत्वाकांक्षी पेयजल योजना का नाम क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी एवं वर्ष 1977 तथा 1982 में श्री चिंतपूर्णी के विधायक रहे स्वर्गीय हंसराज अकरोट के नाम पर रखा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय हंसराज अकरोट ने समाज सेवा और क्षेत्रीय विकास के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया, जिसे भावी पीढ़ियों तक स्मरणीय बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने आग्रह किया था।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिले में पेयजल-सिंचाई-तटीकारण के 1 हजार करोड़ के काम किए जा रहे हैं। बीते 3 साल में श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ के काम पूरे करके जनता को समर्पित किए जा चुके हैं और आगे जल शक्ति विभाग के लगभग 100 करोड़ के ही और विकास के काम अंतिम चरण में हैं। उन्हें अगले 1 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इनमें 16 करोड़ की लागत से श्री चिंतपूर्णी में सीवरेज सिस्टम, 12 करोड़ से श्री चिंतपूर्णी में पेयजल योजना, 16 करोड़ से सोहारी टकोली पेयजल योजना, 6 करोड़ से अम्बेहड़ा धीरज पेयजल योजना, 8.5 करोड़ से अमरूत मिशन के तहत अम्ब में पेयजल योजना, 4 करोड़ से अम्ब में सीवरेज योजना, सलोई उठाऊ पेयजल योजना, 12 करोड़ से सोहारी टकोली में डैम से सिंचाई वितरण नेटवर्क, 12 करोड़ की नाबार्ड के तहत सिंचाई योजना तथा 7 करोड़ से अम्ब क्षेत्र में तटीकरण कार्य शामिल हैं।
उन्होंने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खेतों में ट्यूबवेलों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के मंदिरों के धन के उपयोग को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के संदर्भ में कहा कि सरकार इस संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी, क्योंकि संभवतः न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष पूरी तरह प्रस्तुत नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि अदालत को यह स्पष्ट किया जाएगा कि मंदिरों से प्राप्त धन का उपयोग गरीबों की शिक्षा, उपचार और गांवों के समग्र विकास जैसे जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाता है। इसी दृष्टि से पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।

