देसी बीज संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान: हिमाचल की कला देवी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
आपकी खबर, शिमला/नागपुर।
19 मार्च। हिमाचल प्रदेश की प्रगतिशील महिला किसान कला देवी को देसी बीजों के संरक्षण और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। महाराष्ट्र के नागपुर में 16 और 17 मार्च को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में उन्हें “स्वस्ति पत्र” एवं “विशेष उत्कृष्ट सम्मान” से नवाजा गया।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक, सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक और देशी बीजों के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके महत्व को बढ़ावा देना रहा।
कला देवी ने हिमाचल प्रदेश में विलुप्ति की कगार पर पहुंच रही देसी राजमा की करीब 20 किस्मों को उगाने, संरक्षित करने और उनके पुनर्जीवन का सराहनीय कार्य किया है। उनके इस प्रयास को देखते हुए वासन आरआरए नेटवर्क की ओर से भाग्यलक्ष्मी जी ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
इसके अलावा, कला देवी द्वारा प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी कार्यक्रम में खूब सराहना की गई। देशभर से आए किसानों, वैज्ञानिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके प्रयासों को प्रेरणादायक बताया और इसे कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद कला देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि हिमाचल प्रदेश के सभी किसानों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने वासन आरआरए नेटवर्क और भाग्यलक्ष्मी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के मंच किसानों को अपने कार्य को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि देसी बीजों का संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि यह न केवल हमारी परंपरा और विरासत को बचाते हैं, बल्कि खेती को भी अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाते हैं।
कला देवी की इस उपलब्धि से प्रदेश में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी की लहर है और यह अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।


