मंडी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स का अधिवेशन, समस्याओं और मांगों को लेकर उठी आवाज
मंडी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स का अधिवेशन, शोषण के खिलाफ उठी आवाज और रखी गईं 5 बड़ी मांगें
आपकी खबर, ब्यूरो।
मंडी, 12 अप्रैल। मंडी में हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन द्वारा 12 अप्रैल 2026 को जिला इकाई का वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। इस दौरान दवा प्रतिनिधियों (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स) की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान को लेकर ठोस रणनीति बनाई गई।
अधिवेशन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रमोद ठाकुर ने की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा दवा कंपनियां भी प्रतिनिधियों का लगातार शोषण कर रही हैं। एक ओर सरकारी अस्पतालों में काम करने की अनुमति को लेकर कठिनाइयां बढ़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर दवा कंपनियां “सेल” के नाम पर कर्मचारियों पर दबाव बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के हितों की अनदेखी हो रही है, जिसके चलते अब संगठन को मजबूती के साथ अपनी आवाज उठानी पड़ रही है।
प्रमुख मांगें उठाईं गईं। इनमें अधिवेशन में प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को रखते हुए निम्न मांगें सरकार के समक्ष रखीं। इनमें काम के घंटे तय किए जाएं। सरकारी अस्पतालों में कार्य करने की अनुमति दी जाए। जीवन रक्षक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएं ताकि दवाओं के दाम कम हों। दवाओं पर जीएसटी (GST) शून्य किया जाए। सेल के नाम पर दवा प्रतिनिधियों का शोषण बंद किया जाए और नई कार्यकारिणी का गठन किया जाए।
इस मौके पर जिला इकाई की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इनमें हेमंत ठाकुर को जिला अध्यक्ष हेमंत ठाकुर, नवीन ठाकुर व यशेंद्र ठाकुर को उपाध्यक्ष, यूनिट सचिव गौरव ठाकुर, सह-सचिव विजय कुमार, कोषाध्यक्ष चंदन ठाकुर को बनाया गया है। इसके अलावा संगठन को मजबूत बनाने के लिए अन्य पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
अधिवेशन में विशेष रूप से प्रदेश अध्यक्ष चमन ठाकुर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हुकम सिंह ने भाग लिया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और दवा प्रतिनिधियों के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
