मिड डे मील वर्करों का फूटा गुस्सा, 22 जून को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान
12 माह वेतन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे मिड डे मील कर्मी
आपकी खबर, मंडी।
29 मार्च। हिमाचल प्रदेश स्कूल मिड डे मील वर्कर यूनियन (सीटू) की जिला कमेटी की बैठक आज ताराचंद भवन, मंडी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमारी ने की, जबकि संचालन जिला सचिव ललिता कुमारी ने किया। इस बैठक में सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम और यूनियन के जिला प्रभारी गुरदास वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला के 10 शिक्षा खंडों से कमेटी सदस्यों ने भाग लेकर विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मिड डे मील वर्करों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जो बेहद चिंताजनक है। केंद्र की ओर से मिलने वाली ₹1000 की राशि भी तीन से पांच माह की देरी से दी जाती है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले ₹4000 मानदेय का भुगतान भी चार से पांच माह बाद होता है और उसमें से छुट्टियों का पैसा काट लिया जाता है।
इसके अलावा जिला में मानदेय की एकरूपता न होने पर भी रोष जताया गया। अलग-अलग स्थानों पर वर्करों को ₹2500, ₹2800 और ₹3500 तक अलग-अलग भुगतान किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपने वास्तविक वेतन का स्पष्ट पता नहीं चल पाता। मिड डे मील वर्करों को 12 माह के बजाय केवल 10 माह का ही वेतन दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए।
यूनियन नेताओं ने बताया कि 2019 में उच्च न्यायालय ने मिड डे मील वर्करों को 12 माह का वेतन देने का फैसला सुनाया था, जिसे 2022 में भी बरकरार रखा गया। इसके बावजूद सरकार द्वारा इसे लागू नहीं किया गया और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। यूनियन ने अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया है।
बैठक में यह भी सामने आया कि मिड डे मील वर्करों को किसी प्रकार की छुट्टी का प्रावधान नहीं है। बीमारी या अन्य आवश्यक कार्य होने पर उन्हें अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को ₹600 प्रतिदिन देकर काम पर लगाना पड़ता है, जबकि उनका खुद का मानदेय बेहद कम है। साथ ही, 22 वर्षों से कार्यरत वर्करों को बच्चों की संख्या कम होने पर नौकरी से हटाने की समस्या भी उठाई गई। इसके अलावा उनसे खाना बनाने के अलावा अन्य कार्य भी करवाए जाने पर नाराजगी जताई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 जून 2026 को पूरे प्रदेश के मिड डे मील कर्मी हड़ताल पर जाएंगे और शिमला स्थित सचिवालय का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन में मंडी जिला से लगभग 500 वर्कर भाग लेंगे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में रीना देवी, दमोदरी देवी, तारा देवी, व्यास देवी, उमा देवी, सीमा देवी, लज्जा देवी, गीता देवी, पवना, अनुराधा, कांता, गायत्री, सीमा, गीता, रीना, भामा सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।

