सोना‑चांदी में बजट 2026 के दिन रिकॉर्ड गिरावट, निवेशक रहे सतर्क
बाजार में गिरावट के क्या रहे मुख्य कारण, आम आदमी को क्या मिली राहत
आपकी खबर, ब्यूरो।
नई दिल्ली, 1 फरवरी। बजट 2026 के दिन सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को MCX पर सोने के भाव ₹13,000 तक गिर गए, जबकि चांदी लगभग ₹27,000 तक टूट गई। यह गिरावट पिछले रिकॉर्ड स्तरों के मुकाबले अब तक की सबसे तेज मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे मुनाफा वसूली, वैश्विक बाजार में नरमी और बजट से जुड़ी अनिश्चितताएं प्रमुख कारण हैं।
सोना (Gold): लगभग ₹1,38,600 प्रति 10 ग्राम तक गिरा।
चांदी (Silver): लगभग ₹2,65,600 प्रति किलो तक नीचे आई।
चांदी ने पिछले तीन दिनों में लगभग ₹1.50 लाख प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की। MCX और BSE दोनों पर सर्किट लिमिट लागू करनी पड़ी, ताकि अत्यधिक उतार‑चढ़ाव को रोका जा सके।
- गिरावट के मुख्य कारण
सोने और चांदी ने हाल ही में रिकॉर्ड ऊँचाई बनाई थी। कई निवेशकों ने लाभ लेने के लिए बड़े पैमाने पर बिक्री की, जिससे बाजार में दबाव बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी के भाव में गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। निवेशक बजट 2026 में कर और आयात नीतियों से संबंधित संभावित बदलावों को लेकर सतर्क नजर आए।
विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट अस्थाई मुनाफा वसूली का संकेत है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि बजट के बाद आयात शुल्क और कर नीतियां किस दिशा में जाती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में निवेश न करें और भाव में सुधार या गिरावट का इंतजार करें। BSE ने गोल्ड और सिल्वर ETFs के लिए 20% सर्किट लिमिट लागू की है।
MCX शेयरों में 15% तक गिरावट दर्ज हुई। निवेशक बाजार में सतर्क दिखाई दिए और बड़ी मात्रा में बिक्री से बचने की कोशिश की।
बजट 2026 के दिन सोना और चांदी में रिकॉर्ड गिरावट निवेशकों और बाजार पर सावधानी का संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार का रुख बजट से जुड़ी नीतियों और वैश्विक स्तर पर उतार‑चढ़ाव पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सलाह है कि वे जल्दबाजी में निर्णय न लें और बाजार के रुझान का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।

