मौसम : ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आधा फुट तक बर्फबारी, बागवानों के चेहरे खिले
शिमला में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से अच्छी फसल की उम्मीद
नारकंडा कुफरी मार्ग बंद, बाया लुहरी, सुन्नी से भेजे जा रहे वाहन
आपकी खबर, शिमला।
23 जनवरी। सर्दी के मौसम में शिमला और आसपास के मध्य-ऊँचाई वाले इलाकों में देर से शुरू हुई बर्फबारी ने कृषि और बागवानी के लिए राहत दी है। बहुत समय से मौसम की बेरुखी से किसानों और बागवानों के चेहरे पर मायूसी छा गई थी। अब अचानक मौसम ने करवट ली और आसपास के क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने फिर से मुस्कान ला दी है।
स्थानीय लोगों के अनुभवों के अनुसार, शिमला के ऊंचे इलाकों में शुक्रवार सुबह बर्फबारी शुरू हुई, जिससे पहाड़ों और घाटियों पर सफेद चादर बिछी नजर आई।
सेब उत्पादन के लिए आवश्यक चिलिंग आवर्स मिलना बागवानों के लिए चिंता का विषय रहा है। कई किसानों ने बताया है कि पिछले वर्षों में बर्फबारी कम होने की वजह से निर्यात योग्य सेब की पैदावार और गुणवत्ता पर असर पड़ा था। इस बार बर्फबारी ने आशा जगाई है कि बेहतर फल उत्पादन मिलेगा।
शुष्क मौसम के लंबे दौर के बाद बर्फबारी से मिट्टी में नमी बढ़ने की संभावना है, जिससे छोटे नालों और खेतों में पानी की उपलब्धता में मदद मिलेगी। बर्फ का ढ़कना मुख्यतया उन क्षेत्रों में लाभदायक माना जा रहा है, जहां फल और सब्जी की फसलें उगाई जाती हैं।
मौसम विभाग की माने तो हिमाचल में येलो अलर्ट जारी है। आगामी 24 घंटों में भारी से दरम्यानी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। बर्फबारी से वाहन चालकों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। टुटू, बालूगंज, तवी मोड़ पर वहां स्किड होने से हादसे का अंदेशा भी बना रहा।
उधर नारकंडा कुफरी मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद रहा। ऊपरी शिमला से आने वाले वाहनों को बाया लुहरी, सुन्नी से भेजा जा रहा है। यातायात पुलिस बल को सतर्क किया गया है। बर्फ की खबर सुनते ही पर्यटकों में भी खुशी की लहर है। शिमला, कुफरी, नारकंडा, नालदेहरा घूमने भारी संख्या में लोग पहुंच गए।

