नागपुर में हिमाचल के किसान सोम कृष्ण गौतम को ‘बेस्ट सीड सेवियर अवार्ड’
140 प्रकार के देशी बीजों के संरक्षण और प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला प्रथम पुरस्कार
आपकी खबर, शिमला/नागपुर।
18 मार्च। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट बनामती में 16 व 17 मार्च 2026 को देशी बीज संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के किसान सोम कृष्ण गौतम को ‘बेस्ट सीड सेवियर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 140 प्रकार के देशी बीजों को प्राकृतिक खेती विधि से उगाने, संरक्षित करने और वैज्ञानिक तरीके से भंडारण करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।

यह कार्यक्रम वासन आरआरए, हैदराबाद के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से आए किसानों, वैज्ञानिकों, सरकारी व गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर यूएएस बैंगलोर के वाइस चांसलर डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सोम कृष्ण गौतम को प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सोम कृष्ण गौतम ने बताया कि उन्होंने पिछले कई वर्षों से देशी बीजों के संरक्षण को लेकर लगातार प्रयास किए हैं। उनके प्रमुख कार्यों में बीज खोजो यात्रा, बीज मेला, बीजों का आपसी आदान-प्रदान, सीड बैंक की स्थापना और देशी बीजों का आउटलेट संचालन शामिल है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में क्रॉप डाइवर्सिटी ब्लॉक तैयार करने और बीजों के मल्टीप्लिकेशन पर भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि उनके खेतों में संरक्षित 140 प्रकार के देशी बीजों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है। देशभर में हिमाचल के देशी बीजों की मांग बढ़ने से किसानों को इनका उचित मूल्य मिलेगा और यह उनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है।
गौतम ने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती विधि के माध्यम से बीज संरक्षण पर काम करने वाले किसानों को इस तरह की पहचान मिलने से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक किसान इस दिशा में आगे आएंगे। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए वासन आरआरए, हैदराबाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मंच ने उन्हें अपने कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है और देशी बीजों के संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

