हिमाचल में मौसम का कहर, बारिश-बर्फबारी से जनजीवन हुआ प्रभावित
शिमला सहित कई जिलों में बारिश और बर्फबारी, मौसम विभाग का अलर्ट जारी
हिमाचल में फिर बदला मौसम, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात, निचले इलाकों में बारिश
आपकी खबर, शिमला।
20 मार्च। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार शिमला में गरज, तूफान के साथ बारिश होगी, जबकि कुल्लू में भी दिन भर घने बादल और थंडरशॉवर की संभावना जताई गई।
लाहौल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी ही नहीं, बल्कि कई जगह अच्छी-खासी बर्फ जमने का अनुमान भी दिया गया है। स्पीति क्षेत्र के लिए 20 से 35 सेंटीमीटर तक बर्फ जमने का पूर्वानुमान दर्ज हुआ है।
मौसम के इस बदले मिजाज का सबसे ज्यादा असर ऊंचाई वाले जिलों में देखने को मिला है। लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर, चंबा और कांगड़ा के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई, जबकि शिमला, सोलन, हमीरपुर और मंडी समेत कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। कुल्लू में 37.3 मिमी तक वर्षा दर्ज हुई, जबकि गोंधला और केलांग जैसे इलाकों में 13 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। रिपोर्टों के अनुसार शुक्रवार को हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी अधिकांश स्थानों पर जारी रहने की संभावना जताई गई, जबकि कुछ इलाकों में तेज दौर भी पड़ सकते हैं। यह पूरा मौसमीय बदलाव सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से जुड़ा माना जा रहा है, जिसने उत्तर भारत के कई राज्यों के साथ हिमाचल के मौसम को भी प्रभावित किया है।
तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में कई जगह अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। कुकुमसेरी सबसे ठंडे स्थानों में रहा, जहां तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। शिमला में भी तापमान सामान्य से कम रहा, जिससे मार्च के आखिर की ओर बढ़ते मौसम में फिर से ठंड महसूस की जा रही है। मौसम की इस गतिविधि के कारण प्रदेश में औसत वर्षा सामान्य से करीब 233 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई।
बारिश और बर्फबारी का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। कुल्लू की पार्वती घाटी में मनिकरण-बरशैणी लिंक रोड भूस्खलन के कारण बाधित हुई, जिससे कुछ समय के लिए पर्यटक फंस गए थे। बाद में प्रशासन ने मार्ग बहाल किया, लेकिन ऐसे हालात ने साफ कर दिया कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। इससे पहले अटल टनल के आसपास भी भारी बर्फबारी के चलते सैकड़ों वाहन फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
मौसम का यह दौर सिर्फ ठंड या बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आम जनजीवन, पर्यटन, खेती, सड़क परिवहन और ग्रामीण गतिविधियों पर पड़ रहा है। पहाड़ी जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम अपडेट देखते रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा जा रहा है। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
हिमाचल में शुक्रवार को बारिश और बर्फबारी दोनों का असर दिखा। ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। कई जगह तापमान सामान्य से नीचे चला गया। कुछ सड़कों पर भूस्खलन और आवाजाही में दिक्कत की स्थिति बनी। उधर, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

