
राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल के 472 आरक्षियों ने ली कर्तव्यनिष्ठा की शपथ
शमशी में नौ माह का प्रशिक्षण पूरा होने पर भव्य दीक्षांत परेड आयोजित, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षी सम्मानित
आपकी खबर, ब्यूरो।
कुल्लू, 16 अक्तूबर। राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल (आर ए सी) के 472 नव आरक्षियों की दीक्षांत परेड शुक्रवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के शमशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित की गई।
समारोह में राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक एच.जी.आर सुहास ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
नौ माह का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के उपरांत आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया और नव आरक्षियों को कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा की शपथ दिलाई। नव आरक्षियों ने अनुशासन, एकरूपता और उत्साह के साथ शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। बैंड की आकर्षक प्रस्तुति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।
एच.जी.आर सुहास ने नव आरक्षियों को प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों से अपने सेवाकाल में अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल की वास्तविक परीक्षा कार्यक्षेत्र में होगी, जहां प्रत्येक जवान को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और विवेक के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
समारोह के दौरान नव आरक्षियों ने योग, शारीरिक प्रशिक्षण, दंगा नियंत्रण अभ्यास, मैदानी नियंत्रण अभ्यास, निःशस्त्र युद्धकला, जूडो तथा हथियारों को खोलने और दोबारा जोड़ने सहित विभिन्न कौशलों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दंगा नियंत्रण अभ्यास के माध्यम से जवानों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विपरीत परिस्थितियों से निपटने में अपनी दक्षता, तत्परता एवं अनुशासन का परिचय दिया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षियों को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
इससे पूर्व, केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र, सशस्त्र सीमा बल, सपड़ी के उपमहानिरीक्षक अजय कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। समारोह में सहायक कमांडेंट रवि कुमार, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कमांडेंट सौरभ दुबे, अन्य अधिकारी तथा नव आरक्षियों के परिजन उपस्थित रहे।
