
सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित होगा राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव
उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठक कर बनाई प्रचार-प्रसार की रणनीति
आपकी खबर, ब्यूरो।
रिकांगपीओ, 16 अक्तूबर। राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव-2026 के प्रचार-प्रसार एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज उपायुक्त कार्यालय, रिकांग पीओ के एनआईसी सम्मेलन कक्ष में उपायुक्त एवं किन्नौर महोत्सव मेला समिति की अध्यक्ष सोनाक्षी सिंह तोमर की अध्यक्षता में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं गैर-सरकारी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में 30 अक्तूबर से 2 नवंबर, 2026 तक रिकांग पीओ में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
17 से 29 अक्तूबर तक नियमित रूप से साझा करें प्रचार सामग्री
बैठक में सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से महोत्सव की गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय परंपराओं को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर विशेष बल दिया गया। इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से आग्रह किया गया कि वे 17 अक्तूबर से 29 अक्तूबर तक महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए नियमित रूप से रचनात्मक सामग्री साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक महोत्सव की जानकारी पहुंचे और पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से कम से कम चार प्रचार सामग्री साझा करने की अपेक्षा की गई, जिसमें दो रील, एक पोस्ट और एक स्टोरी शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन किन्नौर के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों के साथ समन्वय स्थापित करने, निर्धारित हैशटैग का उपयोग करने तथा प्रचार सामग्री साझा करते समय संबंधित आधिकारिक खातों को टैग करने पर भी चर्चा की गई।
किन्नौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर ने किन्नौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकसंगीत, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजनों और विशिष्ट परंपराओं को प्रचार सामग्री में प्रमुखता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग से किन्नौर की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ जिले की पर्यटन संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से महोत्सव की गतिविधियों को रचनात्मक एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने और किन्नौर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
बैठक में महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों एवं आकर्षणों के लिए अलग-अलग प्रचार सामग्री तैयार करने, प्रतिदिन आयोजित होने वाली गतिविधियों की तस्वीरें, वीडियो, रील और स्टोरी साझा करने तथा कार्यक्रमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को समयबद्ध तरीके से लोगों तक पहुंचाने पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और आम लोगों से संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों एवं विचारों को सोशल मीडिया के माध्यम से सामने लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रमुख कार्यक्रमों की कवरेज, साक्षात्कार, पर्दे के पीछे की गतिविधियों तथा दिनभर के मुख्य आकर्षणों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि महोत्सव के प्रचार-प्रसार के दौरान साझा की जाने वाली सामग्री तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक होनी चाहिए। स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखने, जिम्मेदार तरीके से सामग्री तैयार करने तथा जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से महोत्सव के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया, ताकि राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव को व्यापक पहचान दिलाने के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक धरोहर, स्थानीय परंपराओं एवं पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सके।
बैठक में सहायक आयुक्त-उपायुक्त एवं मेला समिति के सचिव विपन ठाकुर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सुख देव, शिवानी नेगी एवं प्रेरणा नेगी तथा गैर-सरकारी सदस्य विक्रम सिंह नेगी, हितेश नेगी, राकेश नेगी एवं रोहित नेगी उपस्थित रहे। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स मंजुला नालंदा एवं पनमा परका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। आधिकारिक सदस्य शबनम मेहता एवं पावन भी बैठक में उपस्थित रहे ।
