दिल्ली पुलिस को रोकना संघीय ढांचे और संविधान का उल्लंघन : रणधीर शर्मा
राहुल गांधी के गुंडों को बचाने के लिए सुक्खू सरकार की गुंडागर्दी, अराजकता की पराकाष्ठा
आपकी खबर, शिमला।
26 फरवरी। भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली से आई पुलिस टीम को विधिसम्मत कार्रवाई करने से रोका और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। भारतीय जनता पार्टी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी। किंतु उसी मंच पर राहुल गांधी के निर्देश पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया नग्न प्रदर्शन देश की छवि को धूमिल करने वाला राष्ट्रविरोधी कृत्य था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने विधिसम्मत रूप से मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रारंभ की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस जब रोहड़ू से आरोपित उपद्रवियों को गिरफ्तार कर वापस ले जा रही थी, तब हिमाचल पुलिस द्वारा उन्हें रोकना और दुर्व्यवहार करना संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है। संविधान के अंतर्गत एक राज्य की पुलिस का कर्तव्य है कि वह दूसरे राज्य की पुलिस को सहयोग दे, न कि टकराव की स्थिति उत्पन्न करे।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यदि हिमाचल सरकार दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई नहीं करती तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर हुआ। “चोर की दाढ़ी में तिनका” की तर्ज पर यदि सरकार आरोपियों को बचाने के लिए इतनी सक्रिय हो जाए, तो उसकी मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के गुंडों को बचाने के लिए प्रदेश में अराजकता फैलाना लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। भाजपा ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और संघीय ढांचे की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

