कुमारसैन में श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ समापन
कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण सर्वोत्तम साधन : आचार्य संजीव कृष्ण शांडिल्य
आपकी खबर, कुमारसैन।
18 मार्च। कुमारसैन क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधबार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा कार्यक्रम नीलम शर्मा की ओर से कुमारसैन के बड़ोगी गांव में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। व्यास पीठ से आचार्य संजीव कृष्ण शांडिल्य ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक वचनों में कथा का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत हमें धर्म, भक्ति, प्रेम और सदाचार का मार्ग दिखाती है।

उन्होंने बताया कि कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण, सत्संग औरकथा-श्रवण ही जीवन को सही दिशा देने वाले सर्वोत्तम साधन हैं। आचार्य जी ने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा से प्राप्त शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दें। समापन अवसर पर भजन-कीर्तन, हवन-यज्ञ एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान का स्मरण करते हुए अपने-अपने घरों को लौटे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदीप कुमार ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं कथा वाचक का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने का संकल्प लिया।

