भाजयुमो ने राज्यपाल से मिलकर कानून-व्यवस्था, नशे और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शिमला में भाजयुमो का प्रदर्शनात्मक रुख, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन; नशे और रोजगार संकट पर कार्रवाई की मांग
सुक्खू सरकार पर भाजयुमो का हमला, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला, 13 जुलाई। भाजयुमो हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को शिमला स्थित राजभवन में राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता से मुलाकात कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बढ़ते नशे के कारोबार तथा युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजयुमो प्रदेश महामंत्री सुशील कड़शोली ने किया।
भाजयुमो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, चिट्टा समेत अन्य मादक पदार्थों के कथित बढ़ते प्रसार तथा सरकारी भर्तियों में देरी और बेरोजगारी के मुद्दे उठाए। संगठन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने में विफल रही है।
प्रदेश महामंत्री सुशील कड़शोली ने कहा कि नशे का कारोबार अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुका है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार पर नशा तस्करी रोकने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के परिणाम लंबित हैं और नई भर्तियों की प्रक्रिया भी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है, जिससे युवाओं में निराशा है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला भाजयुमो अध्यक्ष सुमित ठाकुर ने कहा कि यदि नशे पर अंकुश लगाने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगा।
भाजयुमो के अनुसार राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और कानून-व्यवस्था, नशे की रोकथाम तथा रोजगार से जुड़े विषयों पर चिंता व्यक्त की। संगठन का दावा है कि राज्यपाल ने मामले में आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव विनिल पाल, जिला महामंत्री अक्षय गौतम, धनंजय पुरी सहित जिला कार्यसमिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
