किशाऊ डैम एमओयू पर जयराम ठाकुर का बड़ा बयान, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का जताया आभार
किशाऊ बांध परियोजना को लेकर सुक्खू सरकार पर बरसे जयराम ठाकुर, बोले—भाजपा सरकारों के प्रयासों से बनी सहमति
किशाऊ डैम के लिए दिल्ली 75% और राजस्थान 25% खर्च वहन करेंगे : जयराम ठाकुर
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला, 15 सितंबर। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर सभी संबंधित राज्यों द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा संबंधित राज्यों की भाजपा सरकारों के मुख्यमंत्रियों का आभार जताया है। शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पूर्व में जब केंद्र सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की थी, उस समय दिल्ली में आम आदमी पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी। उनके अनुसार, दोनों सरकारें परियोजना में अपनी हिस्सेदारी को लेकर सहमत नहीं हो पा रही थीं, जिसके कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद वहां भाजपा की सरकारें बनीं और इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि केंद्र सरकार के प्रयासों से सभी संबंधित राज्यों के बीच इस परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से संबंधित राज्यों ने हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए किशाऊ बांध परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि समझौते के अनुसार दिल्ली द्वारा परियोजना का 75 प्रतिशत और राजस्थान द्वारा 25 प्रतिशत खर्च वहन करने पर सहमति बनी है। इसी सहमति के बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, तब पानी के बदले अपनी हिस्सेदारी को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। इसके चलते परियोजना में देरी हुई। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना की लागत अब लगभग 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि करीब पांच वर्ष पहले इसकी अनुमानित लागत लगभग 11.5 हजार करोड़ रुपये थी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि उस समय दिल्ली और राजस्थान में भी भाजपा की सरकारें होतीं, तो किशाऊ बांध परियोजना अब तक काफी आगे बढ़ चुकी होती। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक संकीर्णताओं के कारण गैर-भाजपा शासित सरकारों के कार्यकाल में परियोजना को अपेक्षित गति नहीं मिल पाई।
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान में भाजपा सरकारें बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आग्रह पर संबंधित राज्यों ने हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति दी।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को पूर्व सरकार पर आरोप लगाने के बजाय परियोजना की वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की झूठ बोलने की आदत के कारण वह पूर्व सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने भी किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों का पूरी तरह ध्यान रखा था। उन्होंने दावा किया कि यदि यह समझौता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों से ही संभव होता, तो इसमें चार वर्ष का समय नहीं लगता। उनके अनुसार, संबंधित राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल होने और दिल्ली तथा राजस्थान में भाजपा सरकारें बनने के बाद ही इस समझौते का रास्ता साफ हुआ।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को अपनी पीठ थपथपाने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संबंधित राज्यों के भाजपा मुख्यमंत्रियों का आभार जताना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन राज्यों की सहमति और सकारात्मक सोच के बिना किशाऊ बांध परियोजना को लेकर यह समझौता संभव नहीं हो पाता।
