ईरान-अमेरिका युद्धविराम पर कांग्रेस का हमला, पाकिस्तान की भूमिका पर जताई चिंता
सुप्रिया श्रीनेत बोलीं— भारत वैश्विक मंच पर हुआ कमजोर, सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल
आपकी खबर, ब्यूरो।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल। ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम को लेकर सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पूरा विश्व इस युद्धविराम का स्वागत कर रहा है, क्योंकि दुनिया को युद्ध नहीं बल्कि शांति की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इस युद्धविराम को लाने में पाकिस्तान की सक्रिय भूमिका सामने आई है।
उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ऐसा देश, जो आतंकवाद को पनाह देता है और आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वह आज वैश्विक राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत इस पूरे घटनाक्रम से दूर नजर आया।
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी रणनीतिक स्थिति खो दी है और इसका फायदा पाकिस्तान उठा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, जो कभी दुनिया की नैतिक धुरी माना जाता था, आज अलग-थलग पड़ गया है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत ने इस दौरान खुलकर अमेरिका और इजरायल का समर्थन किया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान को परमाणु हमले की धमकी की निंदा तक नहीं की गई, जो कि नैतिक रूप से गलत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश ने एक “समझौता करने वाले नेतृत्व” की वजह से वैश्विक स्तर पर अपनी साख को नुकसान पहुंचाया है।
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व की कमजोरी के चलते भारत को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और इतिहास इस फैसले को याद रखेगा।
