स्थापना दिवस: आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स के जांबाजों को सलाम, शस्त्र से शक्ति के मंत्र से मजबूत हो रही भारतीय सेना
भारतीय सेना की रीढ़ AOC: 251 साल की सेवा, हर मिशन में निभा रहा अहम भूमिका
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला/नई दिल्ली।
भारतीय सेना की रीढ़ माने जाने वाले आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स ने आज अपना 251वां स्थापना दिवस गौरव और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर देशभर में तैनात कोर के अधिकारियों और जवानों की समर्पण भावना, कर्तव्यनिष्ठा और अद्वितीय सेवाओं को याद किया गया।
आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स भारतीय सेना की वह महत्वपूर्ण इकाई है, जो युद्ध और शांति—दोनों परिस्थितियों में सेना को हथियार, गोला-बारूद, सैन्य उपकरण, वर्दी और अन्य आवश्यक सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करती है। दुर्गम इलाकों से लेकर सीमावर्ती चौकियों तक, हर परिस्थिति में एओसी के जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ करते हैं।
कोर का आदर्श वाक्य शस्त्र से शक्ति इसकी कार्यशैली और सोच को दर्शाता है। इस सिद्धांत के तहत एओसी न केवल सैन्य संसाधनों का प्रबंधन करता है, बल्कि सेना की युद्ध क्षमता को भी निरंतर मजबूत बनाता है।
स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न सैन्य ठिकानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उत्कृष्ट सेवा देने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स की भूमिका आधुनिक युद्ध प्रणाली में और भी महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तेज, सटीक और भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स ही सफलता की कुंजी है।
आज के दौर में, जब सेना अत्याधुनिक तकनीकों और संसाधनों से लैस हो रही है, एओसी का योगदान और भी अहम हो गया है। नई तकनीकों को अपनाते हुए यह कोर भारतीय सेना की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को लगातार अपडेट कर रहा है।
251वें स्थापना दिवस पर, देशवासियों ने भी आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स के जांबाजों को सलाम करते हुए उनके अदम्य साहस, समर्पण और सेवा भावना को नमन किया। यह कोर हर मिशन में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है और देश की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करता है।
