सेरी बंगलो पंचायत में किसानों ने छेड़ा खेती बचाओ अभियान, रासायनिक खादों के कम उपयोग का लिया संकल्प
बोतल और पोगली गांव में आयोजित बैठक में किसानों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का किया आह्वान
आपकी खबर, ब्यूरो।
करसोग, 3 जून। करसोग के ग्राम पंचायत सेरी बंगलो के अंतर्गत आने वाले बोतल और पोगली गांव में किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के किसानों के साथ-साथ पूर्व बीडीसी सदस्य तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान किसानों को खेती बचाओ अभियान के उद्देश्यों और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरता लगातार प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए खेती करना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। इसलिए खेतों, मिट्टी और पर्यावरण को बचाने के लिए किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर लौटना होगा।
बैठक में प्राकृतिक खेती की मास्टर ट्रेनर कलादेवी ने कहा कि खेतों को बचाने के लिए रासायनिक खादों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करना समय की आवश्यकता है।
किसानों ने संकल्प लिया कि वे अपनी खेती में केमिकल का प्रयोग कम करेंगे और प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर किसानों ने यह भी निर्णय लिया कि “खेती बचाओ अभियान” को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य किया जाएगा। अभियान के तहत गांव-गांव और पंचायत-पंचायत जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा तथा रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों और प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी।

किसानों ने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार भी है। इसलिए खेती और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक के अंत में उपस्थित किसानों ने रासायनिक पदार्थों के उपयोग को कम करने तथा अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ ली।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि सभी किसान मिलकर इस दिशा में कार्य करें तो आने वाले समय में न केवल भूमि की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि किसानों की उत्पादन लागत भी कम होगी और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।
