पेंशनर्स का बड़ा ऐलान: 5 मार्च को सुंदरनगर में राज्य स्तरीय बैठक, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
मांगे लंबित, आक्रोश तेज: पेंशनर्स 5 मार्च को सुंदरनगर में बनाएंगे आंदोलन की रणनीति
बजट सत्र में मांगें पूरी न हुईं तो विधानसभा घेराव: पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की चेतावनी
आपकी खबर, शिमला।
2 मार्च। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने कहा कि प्रदेश संयुक्त संघर्ष कार्यकारिणी की राज्य स्तरीय एक बैठक का आयोजन 5 मार्च को मंडी जिला के सुंदरनगर में सुरेश ठाकुर, अध्यक्ष की अध्यक्षता मे किया जा रहा है। इसमें पेंशनर्स संगठनों के 18 संगठनों के सभी प्रदेश स्तरीय मुख्य पदाधिकारी एवं जिला संयोजक और जिला अध्यक्ष प्रमुखता से भाग लेंगे।
इस बैठक के आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पिछले काफी समय से पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सरकार को सुरेश ठाकुर अध्यक्ष संयुक्त समिति की अध्यक्षता में 14 सूत्री मांग पत्र सरकार को दिया गया था जिस पर सरकार ने अभी तक कोई चर्चा नहीं की है।
भूपराम वर्मा का कहना है की प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 18 दिसंबर को घुमारवीं में घोषणा की थी कि एक माह के भीतर पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान कर दिया जाएगा परंतु 2 महीने से ऊपर का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक पेंशनरों की जेब खाली है।
उन्होंने कहा की संयुक्त संघर्ष समिति ने जिला स्तर पर भी आक्रोश रैलियां का आयोजन किया है और 28 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा का घेराव भी किया जिस पर प्रदेश कार्यकारिणी का शीर्ष नेतृत्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा में मिलने के लिए बुला कर वादा किया था कि आप लोगों की मांगे जायज है और विधानसभा खत्म होने के एक सप्ताह के बाद सचिवालय मे बैठक के लिए बुलाएंगे। मुख्यमंत्री ने अभी तक वादे के मुताबिक समिति को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है जो चिंता का विषय है।
वर्मा ने आगे कहा कि सरकार ने 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवनृत्य कर्मचारियों की ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, काॅम्यूटेशन और संशोधित पेंशन की अदायगी अभी तक नहीं की है! इसके साथ ही 13% डीए और 146 माह का एरियर भी देना बाकी है। इसी तरह एच आर टीसी पेंशनर्स को समय पर पेंशन, पहली तारीख को पेशन, बिजली बोर्ड कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 15 करोड़ जारी करना मुख्य मांगों में शामिल है! संशोधित वेतनमान के वित्तीय लाभ, शहरी नगर निकायों के पेंशनरो को 01.01.2006 के बजाय 01.01.2016 के वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर पेंशन देना, कॉरपोरेट सेक्टर के कर्मचारियों और फॉरेस्ट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों को सरकार की ओर से जारी 1999 की अधिसूचना के आधार पर 2004 से पेंशन और 1999 की अधिसूचना को फिर से लागू करना, विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ देना और पेंशनरों की उनकी बकाया राशि का भुगतान करना। पुलिस विभाग के पेंशनरों के बच्चों को पुलिस विभाग में नौकरी के लिए कोटा निर्धारित करना और भारतीय सेवा से सेवानिवृत हुए कर्मचारियों की तरह कैंटीन की सुविधा प्राप्त प्रदान करना। हिमाचल प्रदेश बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन को सरकार की ओर से किताबों की प्रिंटिंग और सप्लाई के 75 करोड़ रूपये की अदायगी शामिल हैं।
वर्मा ने चैतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार बजट सेशन के दौरान सभी मद में बजट का प्रावधान नहीं करती है तो आने वाले दिनों में विधानसभा का घेराव भी किया जा सकता है और जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने पर विचार किया जा सकता है। इन सब विषयों पर रणनीति बनाई जाएगी।

