सिराज लंबाथाच कॉलेज से साइंस फैकल्टी हटाने के विरोध में उबाल, 29 जून को होगा विशाल छात्र प्रदर्शन
साइंस फैकल्टी बचाने की लड़ाई तेज, लंबाथाच कॉलेज में छात्रों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
‘शिक्षा अधिकारों से समझौता नहीं’ सिराज लंबाथाच कॉलेज में 29 जून को छात्र करेंगे बड़ा प्रदर्शन
आपकी खबर ब्यूरो।
सिराज (मंडी), 25 जून। सिराज लंबाथाच कॉलेज से साइंस फैकल्टी को हटाने के प्रस्तावित फैसले के विरोध में छात्रों, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कॉलेज में साइंस फैकल्टी को बनाए रखना लंबे समय से उनकी प्रमुख मांग रही है, लेकिन सरकार और संबंधित विभाग की कार्रवाई से विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

इसी क्रम में गुरुवार को लंबाथाच महाविद्यालय और आसपास के गांवों में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर साइंस फैकल्टी को न हटाने की मांग का समर्थन किया।
छात्रों ने घोषणा की है कि इस निर्णय के विरोध में 29 जून को सिराज लंबाथाच कॉलेज परिसर में विशाल छात्र प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रदर्शन के माध्यम से सरकार और शिक्षा विभाग तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचाया जाएगा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के शिक्षा अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन की तैयारी में जुटे छात्रों का कहना है कि यदि कॉलेज से साइंस फैकल्टी हटाई गई तो दूरदराज़ क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी। आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई छात्रों के लिए दूसरे कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं होगा, जिससे उन्हें अपनी शिक्षा बीच में छोड़ने की नौबत आ सकती है।
छात्रों ने सरकार से मांग की है कि साइंस फैकल्टी को यथावत रखा जाए, कॉलेज की शैक्षणिक सुविधाओं को और मजबूत किया जाए तथा विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों, युवाओं और क्षेत्र की जनता से 29 जून के प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।
ये हैं मुख्य मांगें, सिराज लंबाथाच कॉलेज में साइंस फैकल्टी को बहाल रखा जाए। कॉलेज में शिक्षा सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। विद्यार्थियों के शिक्षा अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
