
टीबी-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी जरूरी : हरीश जनारथा
रिपन अस्पताल में टीबी-मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बोले विधायक
टीबी के खिलाफ लड़ाई समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही होगी सफल
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला, 8 अक्तूबर। शिमला के दीन दयाल उपाध्याय रिपन अस्पताल में वीरवार को ‘टीबी-मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने टीबी की रोकथाम, समय पर जांच एवं उपचार तथा लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विधायक ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। उन्होंने कहा कि टीबी से लड़कर इस बीमारी को मात देने वाले लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन ‘टीबी के सच्चे सिपाहियों’ को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने स्वयं टीबी जैसी बीमारी को मात दी और अब हर घर, पंचायत एवं वार्ड तक पहुंचकर लोगों को टीबी से बचाव और इसके प्रति जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। विधायक ने उनके समर्पण और सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता योद्धा टीबी-मुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने आमजन से अपील की कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर जांच करवाएं और उपचार को पूरा करें। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश को टीबी-मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
