शिमला चौड़ा मैदान में पेंशनरों का विशाल प्रदर्शन, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
हिमाचल में पेंशनरों का हल्ला बोल: शिमला में हजारों की रैली, मांगे न मानी तो बड़ा आंदोलन
Shimla Pensioners Protest: चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी
आपकी खबर, शिमला।
17 फरवरी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। यह प्रदर्शन विधानसभा सत्र के दौरान हुआ, जिससे मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमाता नजर आया।
चौड़ा मैदान में हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
पेंशनरों ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार आश्वासन देती है, लेकिन न तो बकाया राशि जारी की जा रही है और न ही चिकित्सा बिलों का भुगतान समय पर हो रहा है।
कर्मचारियों की ये हैं प्रमुख मांगें
पेंशनरों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें लंबित महंगाई भत्ता (DA) और उसके एरियर का भुगतान, 2016 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संशोधित वेतन/पेंशन के बकाया लंबित चिकित्सा बिलों की तत्काल अदायगी, पेंशन का समय पर नियमित भुगतान, अन्य वित्तीय लाभों का निपटान आदि शामिल है।
इन मांगों को लेकर प्रदेश भर के पेंशनरों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। पहले भी विभिन्न जिलों में इस तरह के प्रदर्शन हो चुके हैं।
पेंशनरों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, घेराव और अनशन जैसे कदम उठाए जाएंगे।
यह प्रदर्शन ऐसे समय पर हुआ है जब शिमला में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। ऐसे में पेंशनरों का यह विरोध प्रदर्शन सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

