शिमला : विंटर कार्निवल में अभिज्ञानशाकुंतलम् का मंचन
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शिमला, 1 जनवरी। गेयटी थिएटर में विंटर कार्निवल के दौरान राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली ने महाकवि कालिदास के नाटक अभिज्ञानशाकुंतलम् का मंचन किया। निर्देशन आचार्य विनोद शर्मा और सह-निर्देशन अभय ठाकुर ने किया।
नाटक में अभिनय करते कलाकार।
अभिज्ञानशाकुंतलम नाटक सिर्फ प्रेम की कथा नहीं बल्कि धर्म, स्मृति, त्याग, करुणा और मानवीय भावनाओं का जीवंत चित्रण है। इस नाटक में कलाकार दर्शकों को प्राचीनकाल में उस समय में ले गए जहां ऋषियों के आश्रम प्रकृति की गोद में बसते थे जहां राजा केवल शासक नहीं होते थे बल्कि धर्म के रक्षक हुआ करते थे। साथ ही नाटक ने दर्शकों को उस समय का अनुभव करवाया जहां प्रेम दिखावा नहीं बल्कि आत्मा का बंधन हुआ करता था।
- इन पात्रों ने किया अभिनय
नाटक में सैनिक का पात्र महेंद्र ने, सर्वदमन का पात्र जन्नत ने, मछुआरे का पात्र सक्षम मन्हास, सैनिक का पात्र अंकुश, शिष्य की भूमिका अजय, दुर्वासा वेखानक की भूमिका हर्ष, प्रियंवदा का पात्र हर्षिता, अनुसुईया का पात्र रश्मि, कणव, सैनिक, गिद्ध का पात्र संजय ने निभाया।

इनके अलावा शकुंतला का पात्र पारूल, विदूषक की भूमिका में सक्षम शर्मा और दुश्यंत की भूमिका अमन शर्मा ने अदा की। नाटक का निर्देशन अभय ठाकुर ने किया और प्रकाश व्यवस्था अशोक नरवाल ने देखी। प्रेम दर्शाया गया जो संयोग से जन्म लेता है और वियोग की अग्नि में तपता है।
इसके बाद स्मृति के जागरण से दोबारा पूर्ण होता है। नाटक से दर्शकों को जानने को मिला की याद रखने की क्षमता खत्म हो जाने पर व्यक्ति ही नहीं बल्कि संबंध भी टूट जाते हैं।

