टुटू में उद्घाटन के 7 दिन बाद ही ढहा सड़क का डंगा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
न्यू टुटू में नई सड़क की खुली पोल, एक सप्ताह में ध्वस्त हुई रिटेनिंग वॉल
सात दिन भी नहीं टिक पाया सड़क का डंगा, स्थानीय लोगों ने उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला, 28 जुलाई। राजधानी शिमला के न्यू टुटू क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सड़क की गुणवत्ता पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब उद्घाटन के महज सात दिन बाद ही सड़क का डंगा (रिटेनिंग वॉल) भरभराकर ढह गया। सड़क का विधिवत उद्घाटन लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 19 जुलाई को किया गया था, जबकि 26 जुलाई को डंगा गिरने की घटना सामने आई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इतने कम समय में डंगे का ध्वस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि नई सड़क का यह हाल है, तो भविष्य में इससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया और कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में रोष और चिंता का माहौल है। लोगों ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और तकनीकी जांच करवाई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उद्घाटन के मात्र सात दिन के भीतर डंगा किन कारणों से ध्वस्त हुआ।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही, घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग अथवा गुणवत्ता मानकों की अनदेखी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, क्षतिग्रस्त डंगे और सड़क का आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से बनने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।
