विधानसभा सदन में डिप्टी सीएम के बयान पर भड़के नेता प्रतिपक्ष
मुकेश अग्निहोत्री बोले- दिल्ली जाकर हिमाचल को मिलने वाली मदद रोकने का प्रयास करते हैं जयराम
जयराम ने पलटवार में कहा, अग्निहोत्री का बयान सदन की गरिमा के खिलाफ, बनता है विशेषाधिकार हनन का मामला
आपकी खबर, शिमला।
17 फरवरी। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब विधानसभा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कड़ा एतराज जताया। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि यह सदन की गरिमा के विरुद्ध है और इस पर विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का मामला बनता है।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर दिल्ली जाकर केंद्र से हिमाचल के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता रुकवाने का प्रयास करते हैं।
इस बयान के बाद विपक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई और इसे पूरी तरह निराधार बताया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा—
उन्होंने कभी भी हिमाचल प्रदेश के हितों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।
उपमुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है
इस तरह का आरोप न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को धूमिल करता है बल्कि जनता को भी भ्रमित करता है
जयराम ठाकुर ने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा के भीतर उठाएंगे और विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दे सकते हैं।
सरकार की ओर से अब तक इस विवाद पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि राज्य को आर्थिक संकट में डालने के लिए पूर्व सरकार की नीतियां जिम्मेदार रही हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री के बयान को कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक टिप्पणी बताया है।
विधानसभा में किसी सदस्य के अधिकारों, गरिमा या कार्य में बाधा डालने वाली गलत या भ्रामक टिप्पणी को विशेषाधिकार हनन माना जाता है। यदि यह साबित होता है तो संबंधित सदस्य के खिलाफ सदन की विशेषाधिकार समिति कार्रवाई कर सकती है।
इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामे के आसार हैं।

