हिमाचल पंचायत चुनाव 2026: 2011 जनगणना के आधार पर बनेगा नया आरक्षण रोस्टर, मंत्री अनिरुद्ध सिंह का बड़ा बयान
हिमाचल में आरक्षण का आधार 2011 की जनसंख्या, रोटेशन सिस्टम से बदलेंगी सीटें
Himachal Panchayat Elections: नया रोस्टर तैयार, 50% महिला आरक्षण के साथ 2011 Census बनेगा आधार
आपकी खबर, शिमला।
23 फरवरी। हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर आरक्षण रोस्टर का नया खाका लगभग तय हो गया है। इस बार पंचायत चुनावों में सीटों के आरक्षण का आधार 2011 की जनगणना को बनाया जाएगा। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इसे लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सरकार समयबद्ध तरीके से चुनाव करवाने के लिए सभी संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर रही है।
पंचायती राज विभाग के निर्देशों के अनुसार इस बार पंचायत चुनावों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के लिए आरक्षण 2011 की जनसंख्या के आधार पर तय होगा। पंचायत प्रधानों का आरक्षण विकास खंड (ब्लॉक) स्तर को इकाई मानकर तय किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर भी सीटों का आरक्षण जनसंख्या अनुपात के अनुसार लागू होगा।
इसके साथ ही महिलाओं के लिए कुल पदों का 50 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य रहेगा और SC/ST वर्ग के आरक्षित पदों में भी आधे पद महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगे। पंचायती राज मंत्री का कहना है कि नए रोस्टर में रोटेशन प्रणाली लागू होगी। जो पंचायत या सीट पिछली बार किसी वर्ग के लिए आरक्षित थी, इस बार उसे सामान्य किया जा सकता है। आरक्षण क्रमवार घुमाया जाएगा ताकि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व का मौका मिले। इससे पंचायत स्तर पर नए चेहरों के आने की संभावना बढ़ेगी और चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। पंचायत चुनाव को लेकर न्यायालय ने भी सख्त रुख अपनाया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकार को आरक्षण रोस्टर तय करने की समय सीमा 31 मार्च तक दी गई है। इसी के बाद राज्य में रोस्टर फाइनल करने और चुनावी तैयारियों को तेज किया गया है।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार न्यायालय के आदेशों का सम्मान करती है। पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन का काम पूरा किया जा चुका है। तय समय सीमा के अंदर ही रोस्टर जारी कर चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को लंबे समय तक खाली नहीं रखा जा सकता और समय पर चुनाव करवाना सरकार की प्राथमिकता है।

