
करसोग : 15 देसी राजमा किस्मों में कला देवी के देसी लाल राजमा प्रथम
कला देवी के क्रॉप डायवर्सिटी ब्लॉक में पार्टिसिपेटरी वैरायटी सिलेक्शन, 80 प्रतिभागियों ने लिया भाग
आपकी खबर, ब्यूरो।
सेरी बंगलो (करसोग)। ग्राम पंचायत सेरी बंगलो के गांव कठेओ की प्रगतिशील किसान कला देवी के क्रॉप डायवर्सिटी ब्लॉक में 15 प्रकार की देसी राजमा किस्मों का पार्टिसिपेटरी वैरायटी सिलेक्शन (सहभागी किस्म चयन) आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 20 महिला किसान, 10 पुरुष किसान तथा 50 कृषि विद्यार्थियों सहित कुल 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सहभागी किस्म चयन के दौरान किसानों एवं विद्यार्थियों ने 15 प्रकार की देसी राजमा किस्मों का अवलोकन एवं मूल्यांकन किया। करसोग नेचुरल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक मंडल के सोम कृष्ण गौतम ने बच्चों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

प्रतिभागियों द्वारा किए गए चयन में देसी लाल राजमा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस प्रक्रिया का उद्देश्य स्थानीय एवं पारंपरिक देसी बीजों की पहचान, संरक्षण तथा किसानों के बीच इनके महत्व को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर समृद्धि महिला मंडल की महिला किसानों, पुरुष किसानों तथा कृषि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही महेंद्र कुमार, कृषि प्रवक्ता तथा डोलमा शर्मा, प्रधानाचार्य, उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सेरी बंगलो का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण गतिविधि से जोड़कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू प्रगतिशील किसान कला देवी द्वारा तैयार किया गया क्रॉप डायवर्सिटी ब्लॉक रहा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में उगाई जाने वाली 15 प्रकार की देसी राजमा किस्मों को एक ही स्थान पर उगाकर देसी बीजों के संरक्षण और जैव विविधता की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इसके अतिरिक्त कला देवी के प्राकृतिक खेत में तीन प्रकार के बिथू, तीन प्रकार की कंगनी तथा विभिन्न प्रकार के मिलेट्स, रोढ़ा धान, कुट्टू, भरेसा, सूरजमुखी, फ्रेंच बीन सहित अनेक पारंपरिक फसलों और बीजों की किस्मों का भी प्रदर्शन किया गया। प्राकृतिक खेती और स्थानीय बीजों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे उनके प्रयास किसानों के लिए प्रेरणादायक हैं।
बताया गया कि कठेओ गांव एक प्राकृतिक एवं देसी बीज संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ता हुआ गांव है, जहां अनेक प्रगतिशील किसान प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पारंपरिक फसलों और देसी बीजों को बढ़ावा दे रहे हैं। गांव में मिलेट्स तथा अन्य पारंपरिक फसलों की खेती को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
कला देवी कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (CRP) एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में करसोग विकासखंड के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। उनके खेत में विभिन्न देसी बीजों और विविध फसलों का संरक्षण न केवल कृषि जैव विविधता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पारंपरिक कृषि ज्ञान और बीजों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कला देवी और गांव के किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एक ही क्रॉप डायवर्सिटी ब्लॉक में इतनी अधिक पारंपरिक फसलों और देसी बीजों का संरक्षण किसानों को बदलते कृषि परिवेश में विविधतापूर्ण एवं टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजकों ने कला देवी सहित कठेओ गांव के सभी किसानों, महिला मंडल, पुरुष किसानों, कृषि विद्यार्थियों, महेंद्र कुमार तथा डोलमा शर्मा का सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
