कांग्रेस सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं, समाप्त करने का अभियान चला रही : विनोद कुमार
बोले, तीन वर्षों में 2000 से अधिक संस्थान बंद कर युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के भविष्य पर लगाया ताला
स्कूलों और कॉलेजों को बंद करना कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक विफलता और जनविरोधी सोच का प्रमाण
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला, 11 जून। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विनोद कुमार ने कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश में 20 और सरकारी स्कूलों को बंद करने तथा 73 स्कूलों को मर्ज करने के निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने नहीं बल्कि उसे समाप्त करने के अभियान पर चल रही है। कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में अब तक 2000 से अधिक शैक्षणिक एवं अन्य जनहित संस्थानों को बंद कर प्रदेश के विकास की रीढ़ पर प्रहार किया है।
विनोद कुमार ने कहा कि जिस सरकार को नए स्कूल, कॉलेज और संस्थान खोलने चाहिए थे, वह लगातार ताले लगाने का काम कर रही है। प्रदेश के दूरदराज, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पहले स्कूल बंद किए गए, फिर कॉलेजों के विलय और बंद करने के आदेश जारी किए गए और अब एक बार फिर स्कूलों को बंद एवं मर्ज करने का सिलसिला जारी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्र संख्या का बहाना बना रही है। यदि स्कूलों में छात्र संख्या कम हुई है तो इसके लिए सरकार की शिक्षा नीतियां जिम्मेदार हैं। सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने, शिक्षकों की नियुक्तियां करने और सुविधाएं बढ़ाने के बजाय संस्थानों को बंद करने का आसान रास्ता चुन रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से गरीब, किसान, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को प्रभावित करेगा। छोटे बच्चों को अब लंबी दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ेगा, जिससे ड्रॉप आउट की संभावना बढ़ेगी और अनेक परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई महसूस करेंगे।
विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार बार-बार गुणवत्ता सुधार की बात करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर किया जा रहा है। यदि सरकार की नीतियां इतनी सफल हैं तो फिर तीन वर्षों में 1350 से अधिक स्कूलों को बंद अथवा मर्ज करने की नौबत क्यों आई? यह अपने आप में सरकार की असफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस सरकार विकास के नाम पर केवल घोषणाएं करती है, जबकि धरातल पर स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य संस्थान और अन्य जनहित सुविधाओं को समाप्त किया जा रहा है। यह सरकार शिक्षा विरोधी, युवा विरोधी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के खिलाफ काम कर रही है।
विनोद कुमार ने कहा कि भाजपा प्रदेशभर में इस जनविरोधी निर्णय का विरोध करेगी और सरकार से मांग करती है कि स्कूलों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने की नीति तत्काल वापस ली जाए। शिक्षा के अवसर बढ़ाने के बजाय उन्हें समाप्त करना किसी भी जिम्मेदार सरकार का कार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह समझना होगा कि संस्थानों पर ताले लगाकर प्रदेश का भविष्य नहीं बनाया जा सकता। हिमाचल की जनता इस शिक्षा विरोधी मानसिकता का उचित जवाब आने वाले समय में देगी।
