जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को किया जाए कार्यमुक्त : विनोद सूद
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने ज्ञापन सौंप उठाई मांग
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला 16 जून। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने जनगणना कार्य में नियुक्त शिक्षकों को विद्यालयी दायित्वों से कार्यमुक्त करने की मांग उठाई है। महासंघ के प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद की अध्यक्षता में स्कूल शिक्षा निदेशक को दिए ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को दोहरी जिम्मेदारी से राहत प्रदान की जाए।
विनोद सूद ने कहा कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत अनेक शिक्षकों को राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य के लिए प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत यह एक अनिवार्य एवं वैधानिक दायित्व है, जिसका निर्वहन शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद विभागीय आदेशों में स्पष्टता न होने के कारण कई विद्यालयों में प्रधानाचार्य शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रमुखों का कहना है कि उन्हें शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को कार्यमुक्त करने संबंधी स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इससे शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है तथा वे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि विद्यालयी कार्य और जनगणना कार्य के बीच संतुलन कैसे स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अनेक शिक्षकों की ड्यूटी उनके विद्यालयों से 30 से 40 किलोमीटर दूर क्षेत्रों में लगाई गई है, जिससे उनकी कठिनाइयां और बढ़ गई हैं।
महासंघ के प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने कहा कि विभागीय आदेशों में स्पष्टता होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए शिक्षकों पर दोहरी ड्यूटी का अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
महासंघ ने सुझाव दिया है कि जनगणना अवधि के दौरान विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए अथवा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की जाए, ताकि शिक्षकों को जनगणना कार्य के निर्वहन में सुविधा मिल सके। संगठन ने शिक्षा विभाग से इस विषय पर त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान करने की मांग की है। इस प्रतिनिधि मंडल में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन मिश्रा, रवि शर्मा शैक्षिक प्रकोष्ठ प्रमुख, सुमन शर्मा जिला मंत्री शिमला, पवन ठाकुर जिला शिमला कोषाध्यक्ष विशेष रूप से उपस्थित रहे।
