हिमाचल में प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ भाजपा का बिगुल, जयराम और बिंदल के नेतृत्व में शिमला में विशाल प्रदर्शन
ओकओवर घेराव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, भ्रष्टाचार और बदले की राजनीति के खिलाफ हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर
पंचायत और नगर निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को नकारा, अब विधानसभा चुनाव में भी जवाब देगी जनता : जयराम ठाकुर
कहा, भाजपा नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है सुक्खू सरकार
भाजपा का ऐलान—हर महीने हर विधानसभा और हर मंडल में होगा कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन : डॉ. राजीव बिंदल
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला, 5 अगस्त। हिमाचल भाजपा ने शिमला में कांग्रेस सरकार की प्रतिशोधपूर्ण राजनीति, भ्रष्टाचार, जनविरोधी निर्णयों, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और समर्थकों ने भाग लिया।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करने के बाद भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण रैली के रूप में शिमला के शेर-ए-पंजाब तक पहुंचे और वहां से मुख्यमंत्री आवास ओकओवर का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के खिलाफ भ्रष्टाचार, प्रतिशोध की राजनीति, जनविरोधी नीतियों तथा लोकतंत्र की हत्या को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और कांग्रेस सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर ताले लगाने की राजनीति शुरू कर दी थी। चार वर्षों का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन सरकार आज भी बंदी और तालाबंदी की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को टालने के लिए सरकार ने हरसंभव प्रयास किए, क्योंकि उसे पहले से पता था कि जनता उसका सूपड़ा साफ कर देगी।
भारतीय जनता पार्टी ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी और अंततः चुनाव हुए। परिणामस्वरूप प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक जनादेश दिया।
उन्होंने कहा कि 12 जिलों में से 10 जिलों में जिला परिषद चुनाव हुए, जिनमें 9 जिलों में कांग्रेस अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी। नगर निगम चुनावों में भी चार में से तीन नगर निगमों में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ विजय हासिल की। यह स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर देखना चाहती है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस सरकार अब प्रशासन का दुरुपयोग कर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही हैं, जबकि कई मामलों में अधिकारी स्वयं कहते हैं कि कोई मामला नहीं बनता। इसके बावजूद केवल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कार्रवाई करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, होशियार सिंह, राजेंद्र राणा सहित भाजपा के अनेक नेताओं और उनके परिवारों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया है। अब जिला परिषद सदस्यों, पार्षदों और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों तक को निशाना बनाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के इतिहास का अभूतपूर्व उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी खतरे में है। यदि कोई पत्रकार सरकार के खिलाफ खबर प्रकाशित करता है या कोई नागरिक सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाजपा इन सभी मुद्दों को सदन के भीतर उठाएगी, लेकिन उससे पहले जनता की आवाज़ सड़क से बुलंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो भाजपा का जनआंदोलन और अधिक व्यापक होगा और जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयं कांग्रेस के नेता सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और हाईकमान तक यह संदेश पहुंच चुका है कि यदि मुख्यमंत्री ने अपना रवैया नहीं बदला तो पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने राजधानी शिमला में हुई हत्या, बिलासपुर की कुल्हाड़ी कांड जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अपराधियों के लिए सुरक्षित और आम नागरिकों के लिए असुरक्षित बनता जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर विपक्ष को प्रताड़ित करने का कार्य करेगा तो भाजपा सरकार बनने पर ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अपने संबोधन में घोषणा की कि आज का आंदोलन केवल शुरुआत है। अब प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा और प्रत्येक मंडल में हर महीने कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं से ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी लाखों महिलाएं आज भी उस वादे की प्रतीक्षा कर रही हैं। बेरोजगार युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी और पुरानी पेंशन जैसी घोषणाएं केवल चुनावी वादे बनकर रह गईं। संस्थान बंद कर दिए गए, स्कूल बंद कर दिए गए, कॉलेज बंद कर दिए गए और अस्पतालों पर ताले लगा दिए गए।
डॉ. बिंदल ने कहा कि जयराम ठाकुर सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की अनेक योजनाओं को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों—हर वर्ग को इस सरकार ने निराश किया है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार को “तालाबंदी की सरकार, माफिया की सरकार, भ्रष्ट सरकार, भाई-भतीजावाद की सरकार, महिला विरोधी, किसान विरोधी और युवा विरोधी सरकार” बताते हुए कहा कि भाजपा अब गांव-गांव और घर-घर जाकर जनता को सरकार की विफलताओं से अवगत कराएगी।
डॉ. बिंदल ने कहा कि बिजली, डीजल, सीमेंट सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है। हिमाचल प्रदेश को विकास की दिशा में आगे ले जाने के बजाय कांग्रेस सरकार ने उसे संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब प्रत्येक बूथ, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक मंडल और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर दिया जाता।
