बिलासपुर में नव दंपति सम्मेलन, संस्कार और संवाद से सुदृढ़ परिवार का दिया संदेश
31 नव दम्पतियों ने लिया हिस्सा, भारतीय परिवार व्यवस्था और दाम्पत्य जीवन के विभिन्न पहलुओं पर हुआ संवाद
आपकी खबर, ब्यूरो
घुमारवीं, 17 अगस्त। कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधि, जिला बिलासपुर के तत्वावधान में कामधेनु रेस्टोरेंट, घुमारवीं में नव दम्पति सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बिलासपुर जिले के 31 नव दम्पतियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नव दम्पतियों को भारतीय परिवार व्यवस्था, संस्कार, आपसी संवाद, विश्वास और दाम्पत्य जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराते हुए सुदृढ़ परिवार की अवधारणा को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ नव दम्पतियों के स्वागत, तिलक, पुष्प एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। इसके बाद मुख्यातिथि डॉ. किस्मत कुमार, उत्तर क्षेत्र सह कार्यवाह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं भारत माता पूजन कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रथम सत्र में रमन, विभाग संयोजक बिलासपुर विभाग ने कुटुम्ब प्रबोधन की भूमिका और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए परिवार को समाज की मूलभूत इकाई बताया। उन्होंने परिवार में आपसी सहयोग, संस्कार और संवाद के महत्व को रेखांकित किया। वहीं जगदीश जी, घुमारवीं नगर संयोजक ने कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्य जनों का परिचय कराया।
सम्मेलन के दूसरे सत्र में नव दंपति के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डॉ. किस्मत कुमार एवं विजय जी, बिलासपुर जिला संयोजक ने दंपति से पारिवारिक जीवन, आपसी समझ, विश्वास, संवाद और संस्कारों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरान दाम्पत्य जीवन में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, धैर्य और सहयोग की भावना को महत्वपूर्ण बताया गया। सत्र के समापन पर पं. सुरेश भारद्वाज, प्रान्त पुरोहित आयाम प्रमुख ने भारतीय जीवन-पद्धति में वर्णित विभिन्न संस्कारों की जानकारी दी। उन्होंने गर्भाधान संस्कार से लेकर जन्म संस्कार तक संस्कारों की परंपरा और उनके महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
अंतिम सत्र में मुख्यातिथि डॉ. किस्मत कुमार ने नव दम्पतियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार समाज की आधारभूत इकाई है और परिवार मजबूत होगा तो समाज भी मजबूत होगा। उन्होंने नव दम्पतियों से आपसी विश्वास, प्रेम, सम्मान, संवाद और पारिवारिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की समृद्ध पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाने तथा आने वाली पीढ़ियों तक संस्कारों को पहुंचाने के लिए नव दम्पतियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परिवार में सकारात्मक संवाद और आपसी समझ दाम्पत्य जीवन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सम्मेलन में कंचन, प्रान्त नव दम्पति प्रमुख, नीरज, विभाग कार्यवाह, शिव नड्डा, जिला कार्यवाह, अरविंद, शिमला विभाग नव दम्पति प्रमुख, क्षमा, जिला नव दम्पति आयाम प्रमुख, जिला सह संयोजक, उर्मिला, मातृ शक्ति आयाम प्रमुख, अजय, पुरोहित आयाम प्रमुख तथा सुरेंद्र, अध्यापक आयाम प्रमुख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
सम्मेलन के माध्यम से नव दम्पतियों को यह संदेश दिया गया कि सुदृढ़ परिवार ही सुदृढ़ समाज की नींव है। प्रेम, सम्मान, विश्वास, संवाद और संस्कारों को जीवन में अपनाकर परिवार को मजबूत बनाया जा सकता है और इसके माध्यम से समाज को भी सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
