गायनी ओपीडी शिफ्टिंग पर जनवादी महिला समिति का विरोध, सरकार पर जल्दबाजी और अव्यवस्था के आरोप
आपकी खबर, ब्यूरो।
शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने प्रदेश सरकार द्वारा गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में स्थानांतरित करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। समिति का कहना है कि यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है, जिससे हजारों महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने एक ही विभाग—गायनी और प्रसूति—को अलग कर दिया है, जबकि दोनों विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं। इस फैसले के चलते मरीजों को इलाज के लिए कमला नेहरू अस्पताल और आईजीएमसी के बीच भटकना पड़ रहा है, जिससे असुविधा बढ़ गई है।
जनवादी महिला समिति ने बताया कि स्थानांतरण के पहले ही दिन अव्यवस्था सामने आ गई। आईजीएमसी में तय किए गए गायनी के चार ऑपरेशन वहां सुविधाओं के अभाव में नहीं हो सके और अंततः उन्हें कमला नेहरू अस्पताल में करना पड़ा। समिति ने इसे सरकार की बड़ी विफलता करार दिया है।
समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट और राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर विशेषज्ञों और अनुभवी चिकित्सकों से सलाह लेकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं, जिसके कारण ऐसा निर्णय लिया गया।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो विरोध और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 13 अप्रैल को हुए प्रदर्शन के बाद अब 30 अप्रैल को आईजीएमसी के बाहर जनवादी महिला समिति और अन्य जनसंगठन संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
समिति ने सरकार से मांग की है कि वह जल्दबाजी में लिए गए इस फैसले को वापस ले और महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
