संसद में अमित शाह का विपक्ष पर हमला, पूछा हर अच्छे फैसले का विरोध क्यों?
अनुच्छेद 370 से लेकर राम मंदिर तक, गृह मंत्री ने गिनाए विपक्ष के विरोध के उदाहरण
विकास नहीं, विरोध ही एजेंडा, अमित शाह का इंडियन नेशनल कांग्रेस पर बड़ा आरोप
आपकी खबर, ब्यूरो।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल। संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष, खासकर इंडियन नेशनल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विपक्ष लगातार विरोध करता रहा है, जिससे विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की गई।
संसद के पटल से अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो भी बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए, उन्हें राष्ट्रहित में लिया गया, लेकिन विपक्ष ने उन्हें राजनीतिक चश्मे से देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष का उद्देश्य केवल हर अच्छे काम का विरोध करना रह गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए लिया गया था, लेकिन उस समय भी विपक्ष ने इसका विरोध किया। इसी प्रकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी कई सवाल खड़े किए गए, जबकि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना, जिसने गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी, और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) जैसे बड़े आर्थिक सुधारों का भी विपक्ष ने विरोध किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी गृह मंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे कदमों पर भी सवाल उठाए गए, जो देश की सुरक्षा और सेना के मनोबल से जुड़े विषय थे।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में वह केवल विरोध तक सीमित नजर आ रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की मानसिकता करार दिया।
